आयुर्वेद: 5000 वर्ष पुराना जीवन विज्ञान
प्रकृति के साथ स्वास्थ्य
संपादकीय·8 Min Read·१३ जून २०२६·0 views

आयुर्वेद
"आयुष्यते अनेन इति आयुर्वेदः" — जो आयु को बढ़ाए, वही आयुर्वेद।
तीन दोष - **वात** — वायु तत्व - **पित्त** — अग्नि तत्व - **कफ** — जल-पृथ्वी तत्व
आठ अंग (अष्टांग आयुर्वेद) कायचिकित्सा, बालचिकित्सा, ग्रहचिकित्सा, ऊर्ध्वांगचिकित्सा, शल्यचिकित्सा, दंष्ट्राचिकित्सा, जरा और वृष्य।
आज WHO भी आयुर्वेद को पूरक चिकित्सा प्रणाली के रूप में मान्यता देता है।